विस्तृत उत्तर
जनकपुर की स्त्रियों ने श्रीरामजी को देखकर सीताजी से उनके विवाह की कामना इसलिये की क्योंकि उन्होंने रामजी को सीताजी का सबसे योग्य वर माना।
स्त्रियों ने कहा — 'देखि राम छबि कोउ एक कहई। जोगु जानकिहि यह बरु अहई' — रामजी की छबि देखकर कोई कहने लगी कि यह वर जानकी के योग्य है।
उनकी कामना के कारण:
- 1रामजी का अनुपम सौन्दर्य — ऐसा सुन्दर वर कहीं नहीं देखा
- 2सीताजी का अनुपम सौन्दर्य — दोनों एक दूसरे के योग्य हैं
- 3विधाता की उचित व्यवस्था — यदि विधाता उचित फल देते हैं तो इनका ही जोड़ा बनना चाहिये
- 4सबका कल्याण — यदि यह विवाह हो जाये तो सब लोग कृतार्थ होंगे
स्त्रियों ने कहा कि इसी नाते (ससुराल-नाते) ये फिर यहाँ आयें — इसकी आतुरता है।





