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विस्तृत उत्तर
मधु और कैटभ ने आद्या शक्ति महामाया की तपस्या की थी। कथा में महामाया वही शक्ति हैं जो भगवान विष्णु की योगनिद्रा के रूप में प्रकट होती हैं और सृष्टि, पालन तथा संहार की आधारशक्ति मानी जाती हैं। दोनों असुरों ने वाग्बीज मंत्र को देवी का महामंत्र मानकर एक हजार वर्षों तक कठिन तप किया। देवी उनकी तपस्या से प्रसन्न हुईं और उन्हें इच्छा-मृत्यु का वरदान दिया। बाद में वही महामाया ब्रह्मा जी की स्तुति से प्रसन्न होकर विष्णु को जगाती हैं और उन्हीं असुरों को मोह में डालकर उनके वध का मार्ग बनाती हैं।
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