📖
विस्तृत उत्तर
महातल लोक में अंधेरा इसलिए नहीं होता क्योंकि वहाँ रहने वाले विशाल नागों के फनों पर दिव्य नागमणियाँ सुशोभित हैं। महातल पृथ्वी से 50,000 योजन नीचे स्थित है, इसलिए वहाँ सूर्य, चंद्र या तारों का प्रकाश नहीं पहुँचता। फिर भी श्रीमद्भागवत पुराण और विष्णु पुराण के अनुसार नागों की अलौकिक और दिव्य मणियों की तीव्र, निर्मल चमक से महातल का संपूर्ण अंधकार नष्ट हो जाता है। इस प्रकाश से वहाँ निरंतर सुखद और शीतल उजाला फैला रहता है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





