विस्तृत उत्तर
देवी भागवत पुराण के अनुसार, रुरु दैत्य के वंश में 'दुर्गम' (दुर्गमासुर) नामक असुर ने ब्रह्मा जी से वरदान पाकर सभी वेदों को अपने अधीन कर लिया। वेदों के लुप्त होने से धर्म का लोप हुआ और पृथ्वी पर 100 वर्षों तक भयंकर सूखा (अनावृष्टि) पड़ा। देवताओं की पुकार सुनकर हिमालय में आदिशक्ति 'शताक्षी' (सौ आँखों वाली) रूप में प्रकट हुईं, जिनके आंसुओं से नदियां बहीं और उन्होंने 'शाकम्भरी' रूप में अन्न-सब्जियां उत्पन्न कीं। इसके बाद देवी ने दुर्गमासुर के साथ भीषण युद्ध कर उसका वध किया और वेदों को मुक्त कराया। यह वध शुक्ल पक्ष की अष्टमी को हुआ था।





