विस्तृत उत्तर
यदि पितर पक्षी योनि में हों, तो श्राद्ध का अन्न उन्हें फल के रूप में प्राप्त होता है।
पितर पक्षी योनि में हों तो श्राद्ध कैसे मिलता है को संदर्भ सहित समझें
पितर पक्षी योनि में हों तो श्राद्ध कैसे मिलता है का सबसे सीधा सार यह है: पक्षी योनि में श्राद्ध फल रूप में मिलता है।
लोक जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।
लोक श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।
इसी विषय के 5 प्रश्न
विषय की गहराई समझने के लिए इन संबंधित प्रश्नों को भी पढ़ें
जम्बू नदी क्या है और कैसे बनती है?
जम्बूद्वीप के दिव्य जम्बू वृक्ष के हाथी-आकार के फल गिरकर फटते हैं। उनके रस से जम्बू नदी बनती है जिसे पीने वाले को रोग, बुढ़ापा और शोक नहीं होता।
श्राद्ध अन्न पक्षी योनि में क्या बनता है?
पक्षी योनि में श्राद्ध अन्न फल बन जाता है।
मंत्र जप में 108 बार से कम जप करने पर भी फल मिलता है या नहीं?
हां। 1 भी शुभ। 3/7/11/21/27/54 = शुभ संख्याएं। 'भगवान भाव गिनते, संख्या नहीं।' 1 भक्ति से > 108 बिना भक्ति। '0 से बेहतर = 1।' नियमित 11 > कभी-कभी 108।
मंत्र जप पूर्ण होने के बाद फल कब तक दिखता है?
तुरंत (काली), 40 दिन (अनुष्ठान), 3-6 मास (दैनिक), 1 वर्ष (गहन)। कारक: भक्ति, शुद्धता, प्रारब्ध, गुरु कृपा। 'निष्काम जप = सबसे तीव्र।' धैर्य अचूक।
शिव महिम्न स्तोत्र का पाठ करने से क्या विशेष फल मिलता है?
पुष्पदंत रचित — पापनाश, भक्ति गहनता, ज्ञान वृद्धि, वाणी शुद्धि, मनोकामना पूर्ति। 43 श्लोक, प्रातः/संध्या में पाठ। 40 दिन नियमित पाठ से विशेष फल। सावन/शिवरात्रि पर विशेष।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
