ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
लोक⏱ 1 मिनट पठन

शातातप स्मृति में पितरों की कौन-कौन सी कोटियाँ बताई गई

संक्षिप्त उत्तर

शातातप स्मृति में पिण्डभाज, लेपभाज, नान्दीमुख और अश्रुमुख सहित 12 पितृ कोटियाँ बताई गई हैं।

📖

विस्तृत उत्तर

शातातप स्मृति में पितरों को 12 कोटियों में विभाजित किया गया है। इनमें पिण्डभाज 3, लेपभाज 3, नान्दीमुख 3 और अश्रुमुख 3 प्रमुख हैं। यह वर्गीकरण श्राद्ध और तर्पण में पितरों के अधिकार, उनकी अवस्था और उन्हें मिलने वाले अर्पण के प्रकार को स्पष्ट करता है।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

शातातप स्मृति में पितरों की कौन-कौन सी कोटियाँ बताई गई हैं को संदर्भ सहित समझें

शातातप स्मृति में पितरों की कौन-कौन सी कोटियाँ बताई गई हैं का सबसे सीधा सार यह है: शातातप स्मृति में पिण्डभाज, लेपभाज, नान्दीमुख और अश्रुमुख सहित 12 पितृ कोटियाँ बताई गई हैं।

लोक जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।

•

उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।

•

लोक श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

•

यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।

लोक प्रश्नोत्तर
🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

शातातप स्मृतिपितृ कोटिपिण्डभाजलेपभाज
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

शातातप स्मृति में पितरों की कौन-कौन सी कोटियाँ बताई गई हैं — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको लोक से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#शातातप स्मृति#पितृ कोटि#पिण्डभाज#लेपभाज