विस्तृत उत्तर
शास्त्रों के अनुसार शिव पूजा की कड़े नियम हैं: 1. परिक्रमा: शिवलिंग की कभी भी पूरी (गोल) परिक्रमा नहीं करनी चाहिए। जहाँ से शिवलिंग का जल बहकर निकलता है, उसे 'सोमसूत्र' या 'निर्गम' कहते हैं। सोमसूत्र को लांघना महापाप माना गया है। हमेशा आधी परिक्रमा करके उसी रास्ते वापस लौटना चाहिए। 2. निषिद्ध पुष्प: केतकी का फूल (और केवड़ा) तथा विष्णु प्रिया 'तुलसी' का पत्ता शिव पूजा में कभी अर्पित नहीं करना चाहिए, यह सर्वथा निषिद्ध है।





