ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
वेद एवं शास्त्र⏱ 2 मिनट पठन

श्रीसूक्त का पाठ शुक्रवार को क्यों?

शुक्रवार का स्वामी शुक्र ग्रह है जो धन, ऐश्वर्य और सुख का कारक है — माता लक्ष्मी के स्वरूप से सीधा सम्बन्ध।

संक्षिप्त उत्तर

शुक्रवार का स्वामी शुक्र ग्रह है जो धन, ऐश्वर्य और सुख का कारक है — माता लक्ष्मी के स्वरूप से सीधा सम्बन्ध। इसलिए श्रीसूक्त का पाठ शुक्रवार को विशेष फलदायी है। नित्य पाठ से दरिद्रता नष्ट होती है और धन-धान्य की वृद्धि होती है।

📖

विस्तृत उत्तर

श्रीसूक्त ऋग्वेद का खिल सूक्त है जो ऋग्वेद के पाँचवें मण्डल के अन्त में उपलब्ध होता है। इसमें मूल १५ मन्त्र हैं, सोलहवाँ फलश्रुति का है और आगे के ११ मन्त्र 'लक्ष्मीसूक्त' के नाम से परिशिष्ट रूप में जुड़े हैं। इस सूक्त के ऋषि आनन्द, कर्दम, श्रीद और चिक्लीत हैं — ये चारों श्री (लक्ष्मी) के पुत्र माने गये हैं। इसकी देवता श्री-लक्ष्मी हैं।

शुक्रवार को श्रीसूक्त का पाठ इसलिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि ज्योतिष शास्त्र में शुक्रवार का स्वामी शुक्र ग्रह है और शुक्र को धन, ऐश्वर्य, सौन्दर्य और सुख का कारक माना गया है — ये सभी गुण माता लक्ष्मी के स्वरूप से अभिन्न हैं। शुक्रवार माता लक्ष्मी और माता संतोषी का विशेष वार माना जाता है। इस दिन श्रीसूक्त के १५ मन्त्रों से घी की आहुति देने पर लक्ष्मी की कामना पूर्ण होती है — यही फलश्रुति में स्पष्ट कहा गया है। शास्त्र यह भी कहते हैं कि जो नित्य श्रीसूक्त का पाठ करे उसे इस संसार में समस्त सुख प्राप्त होते हैं। शुक्रवार न कर सकें तो नवरात्रि, दीपावली, अथवा किसी भी शुक्ल पक्ष में इसका पाठ फलदायी है।

🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

श्रीसूक्तशुक्रवारलक्ष्मी पूजाऋग्वेद
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

श्रीसूक्त का पाठ शुक्रवार को क्यों — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको वेद एवं शास्त्र से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#श्रीसूक्त#शुक्रवार#लक्ष्मी पूजा#ऋग्वेद