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पक्ष

कृष्ण पक्ष पक्ष — पक्ष — व्रत, पूजा एवं शास्त्र प्रश्नोत्तर(118)

कृष्ण पक्ष पक्ष से जुड़े 118 प्रश्न — विधि, नियम, मंत्र, लाभ। शास्त्र-सम्मत व्याख्या एक स्थान पर।

लोक

कृष्ण ने शिशुपाल को क्यों मारा?

शिशुपाल ने सौ अपराधों की सीमा पार की, इसलिए कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से उसका वध किया।

#कृष्ण#शिशुपाल#सुदर्शन चक्र
लोक

शिशुपाल कृष्ण से क्यों नफरत करता था?

शिशुपाल जय का शत्रु जन्म था, इसलिए वह कृष्ण से तीव्र द्वेष रखता था।

#शिशुपाल#कृष्ण#द्वेष
लोक

सामान्य आँखों से विश्वरूप क्यों नहीं दिखता?

क्योंकि विश्वरूप भौतिक दृष्टि से परे है।

#विश्वरूप#दृष्टि#कृष्ण
लोक

विश्वरूप दर्शन क्या है?

विश्वरूप भगवान का विराट असीम स्वरूप है।

#विश्वरूप#कृष्ण#दिव्य चक्षु
लोक

कृष्ण सप्तमी मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?

कृष्ण सप्तमी मृत्यु का श्राद्ध पितृ पक्ष की सप्तमी को करें।

#कृष्ण सप्तमी मृत्यु#सप्तमी श्राद्ध#मृत्यु तिथि
लोक

कृष्ण चतुर्थी मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?

कृष्ण चतुर्थी मृत्यु का श्राद्ध पितृ पक्ष की चतुर्थी को करें।

#कृष्ण चतुर्थी मृत्यु#चतुर्थी श्राद्ध#मृत्यु तिथि
लोक

कृष्ण प्रतिपदा मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?

कृष्ण प्रतिपदा मृत्यु का श्राद्ध पितृ पक्ष की प्रतिपदा को करें।

#कृष्ण प्रतिपदा मृत्यु#प्रतिपदा श्राद्ध#मृत्यु तिथि
लोक

कृष्ण तृतीया मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?

कृष्ण तृतीया मृत्यु का श्राद्ध भी पितृ पक्ष की तृतीया को होता है।

#कृष्ण तृतीया मृत्यु#तृतीया श्राद्ध#मृत्यु तिथि
पितृ पक्ष

आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीया क्यों खास है?

आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीया खास है क्योंकि यह पितृ पक्ष यानी महालय का दूसरा दिन है। इस दिन पार्वण श्राद्ध से तीन पीढ़ियों का सतीक आवाहन होता है, और विश्वेदेव स्थापित होते हैं। स्कन्द पुराण के अनुसार इस दिन श्राद्ध करने से शिव प्रसन्न होते हैं और कैलास धाम मिलता है। याज्ञवल्क्य स्मृति के अनुसार सुयोग्य दामाद और पशु-धन की प्राप्ति होती है।

#आश्विन द्वितीया#महालय#पितृ पक्ष
तिथि श्राद्ध

कृष्ण पक्ष की द्वितीया का श्राद्ध कब होता है?

कृष्ण पक्ष की द्वितीया का श्राद्ध मुख्यतः पितृ पक्ष यानी आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीया को सम्पन्न होता है। यह दिन प्रतिपदा के बाद आता है। पितृ पक्ष की कृष्ण द्वितीया पर पार्वण श्राद्ध होता है, जिसमें तीन पीढ़ियों का सतीक आवाहन होता है। किसी भी मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया को मरे पितर का वार्षिक एकोद्दिष्ट श्राद्ध भी उसी कृष्ण द्वितीया को होता है।

#कृष्ण पक्ष द्वितीया#महालय श्राद्ध#पितृ पक्ष
लोक

भगवान कृष्ण ने गीता में पितरों के बारे में क्या कहा है?

गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं कि पितरों में वे अर्यमा हैं।

#भगवद्गीता#पितरों में अर्यमा#कृष्ण
लोक

भगवान कृष्ण ने कालिय नाग का दमन कैसे किया?

कृष्ण ने यमुना में प्रवेश कर कालिय का दमन किया और उसके फनों पर दिव्य नृत्य किया, जिसे कालिय-मर्दन कहा जाता है।

#कालिय मर्दन#भगवान कृष्ण#कालिय नाग
लोक

महातल में कालिय नाग कौन है?

कालिय नाग महातल का प्रमुख नाग है, जिसे भगवान कृष्ण ने कालिय-मर्दन के बाद महातल लौटने का आदेश दिया।

#कालिय नाग#महातल#कृष्ण
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

नारायण बलि कृष्ण मंदिर में क्यों किया जा सकता है?

कृष्ण मंदिर नारायण बलि के लिए बताए गए पवित्र स्थानों में शामिल है।

#नारायण बलि#कृष्ण मंदिर#पवित्र स्थान
लोक

गीता का 'आब्रह्मभुवनाल्लोकाः' सत्यलोक पर कैसे लागू होता है?

गीता (8.16) सकाम कर्मियों पर पूरी तरह लागू है — वे सत्यलोक से भी लौटते हैं। पर क्रम मुक्ति के अधिकारी नहीं लौटते — वे महाप्रलय में मोक्ष पाते हैं।

#गीता 8.16#सत्यलोक#पुनरावर्तन
शुभ मुहूर्त

माँ काली की पूजा के लिए कौन सा समय सबसे शुभ है?

काली पूजा का शुभ काल: कार्तिक अमावस्या (काली पूजा/दीपावली) = अत्यंत शुभ। निशिता काल (मध्यरात्रि) = विशेष फलदायी। ग्रहण काल, होली की रात्रि। कृष्ण पक्ष की अष्टमी या चतुर्दशी।

#काली पूजा मुहूर्त#कार्तिक अमावस्या#निशिता काल
अवतारवाद

श्री कृष्ण को 'पूर्णावतार' क्यों कहते हैं?

श्री कृष्ण = 16 कलाओं से पूर्ण 'पूर्णावतार'। भागवत (1.3.28): 'कृष्णस्तु भगवान् स्वयम्' — अन्य अवतार भगवान के अंश/कला हैं, किंतु कृष्ण स्वयं पूर्ण भगवान (परब्रह्म) हैं। भगवद्गीता दी और महाभारत में धर्म रक्षा की।

#श्री कृष्ण#पूर्णावतार#16 कलाएं
राजसिक साधना विधि

महाकाल भैरव की राजसिक साधना कब करनी चाहिए?

महाकाल भैरव की राजसिक साधना कृष्ण पक्ष की अष्टमी (कालाष्टमी) या शनिवार की रात्रि में करनी चाहिए।

#कालाष्टमी#शनिवार रात्रि#कृष्ण पक्ष
तिथि एवं पंचांग

संकष्टी चतुर्थी का व्रत कब होता है?

यह व्रत हर हिंदू महीने के 'कृष्ण पक्ष' (अंधेरे पखवाड़े) की चतुर्थी (चौथी) तिथि को रखा जाता है।

#तिथि#कृष्ण पक्ष#चतुर्थी
पौराणिक कथा

भगवान कृष्ण के बेटे साम्ब को इस व्रत से क्या फायदा हुआ था?

भगवान कृष्ण के बेटे साम्ब को एक ऋषि के श्राप के कारण 'कुष्ठ रोग' (कोढ़) हो गया था। रथ सप्तमी के दिन सूर्य की विशेष पूजा करने से उसका यह रोग पूरी तरह ठीक हो गया था।

#साम्ब#कुष्ठ रोग#श्रीकृष्ण
तिथि और माहात्म्य

कामिका एकादशी कब मनाई जाती है?

कामिका एकादशी सावन (श्रावण) महीने के कृष्ण पक्ष में आती है। यह चातुर्मास का वह समय होता है जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में होते हैं।

#कामिका एकादशी#श्रावण मास#कृष्ण पक्ष
तिथि और माहात्म्य

योगिनी एकादशी कब आती है?

योगिनी एकादशी आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष में आती है। यह पापों को नष्ट करने और शरीर को स्वस्थ रखने वाली एक बहुत पवित्र तिथि है।

#योगिनी एकादशी#आषाढ़ मास#कृष्ण पक्ष
नियम और निषेध

क्या संकष्टी चतुर्थी पर चाँद देखना मना है?

नहीं, संकष्टी चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) पर चाँद देखना और उसे अर्घ्य देना बहुत शुभ और अनिवार्य है। केवल गणेश चतुर्थी (भाद्रपद शुक्ल पक्ष) को चाँद देखना मना होता है।

#चंद्र दर्शन#भ्रांति#कृष्ण पक्ष
व्रत एवं त्योहार

गोवर्धन पूजा में अन्नकूट क्या है?

अन्नकूट का अर्थ है 'अन्न का पर्वत।' गोवर्धन पर्वत उठाकर सात दिन भूखे रहने के बाद ब्रजवासियों ने कृष्ण को 7 दिन × 8 पहर = 56 प्रकार के व्यंजन खिलाए — यही छप्पन भोग की परंपरा है। इसे अन्नकूट कहते हैं।

#गोवर्धन पूजा#अन्नकूट#56 भोग
व्रत एवं त्योहार

नरक चतुर्दशी की कथा क्या है?

नरक चतुर्दशी पर भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा की सहायता से अत्याचारी राक्षस नरकासुर का वध किया और 16 हजार बंदी स्त्रियों को मुक्त कराया था। इसी की खुशी में दीप जलाए गए और यह पर्व मनाया जाने लगा।

#नरक चतुर्दशी#नरकासुर#कृष्ण
वेद एवं उपनिषद

यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद में क्या फर्क है?

यजुर्वेद की दो शाखाएँ हैं। कृष्ण यजुर्वेद में मंत्र और उनकी व्याख्या एक साथ मिली हुई है — तैत्तिरीय संहिता इसकी मुख्य शाखा है। शुक्ल यजुर्वेद में मंत्र और ब्राह्मण अलग-अलग हैं — इसका शतपथ ब्राह्मण अत्यंत प्रसिद्ध है।

#यजुर्वेद#कृष्ण यजुर्वेद#शुक्ल यजुर्वेद
महाभारत

उत्तरा के गर्भ को कृष्ण ने कैसे बचाया?

अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से उत्तरा के गर्भ में पल रहे परीक्षित की रक्षा के लिए श्रीकृष्ण ने सूक्ष्म रूप धारण करके गर्भ में प्रवेश किया और अपनी दिव्य शक्ति से ब्रह्मास्त्र के प्रहार को निष्फल किया। परीक्षित मृत जन्मे, पर कृष्ण ने उन्हें पुनर्जीवित किया।

#उत्तरा#परीक्षित#कृष्ण
महाभारत

कृष्ण ने अर्जुन को गीता क्यों सुनाई?

कुरुक्षेत्र में युद्ध से पहले अर्जुन अपने स्वजनों को देखकर मोह और शोक में डूब गए और युद्ध करने से इनकार कर बैठे। उनके इस अज्ञानजनित मोह को दूर करने और धर्म के सही स्वरूप को समझाने के लिए श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया।

#गीता#कृष्ण#अर्जुन
श्री कृष्ण

संतान प्राप्ति के लिए संतान गोपाल मंत्र का जप कैसे करें

संतान सुख के लिए 'संतान गोपाल मंत्र' का सवा लाख जप और हरिवंश पुराण का पाठ करना अत्यंत फलदायी है।

#संतान#गोपाल मंत्र#हरिवंश पुराण
मंत्र एवं उपासना

हरे राम हरे कृष्ण महामंत्र की उत्पत्ति कैसे हुई

हरे कृष्ण महामंत्र का स्रोत 'कलि-संतरण उपनिषद' है। इसमें ब्रह्माजी ने नारद को बताया कि कलियुग में 16 नामों का यह महामंत्र ही एकमात्र उपाय है। 15वीं सदी में चैतन्य महाप्रभु ने इसे जन-जन तक पहुँचाया।

#हरे कृष्ण#महामंत्र#कलि-संतरण उपनिषद
भक्ति साहित्य

सूरदास के पद कृष्ण भक्ति में कैसे सहायक

सूरदास के पद बाल-लीला के वात्सल्य-भाव, माधुर्य-भक्ति और विरह-भाव से कृष्ण-भक्ति जागृत करते हैं। 'मैया मोरी मैंने माखन नाहीं खायो' जैसे पद सीधे हृदय तक पहुँचते हैं।

#सूरदास#पद#कृष्ण भक्ति
मंत्र जप एवं साधना

कृष्ण के 108 नामों का जप कैसे करें

एकादशी या बुधवार को पीले वस्त्र पहनकर तुलसी माला से 'ॐ [नाम] नमः' क्रम में 108 नाम जपें। तुलसी पत्र और माखन-मिश्री अर्पित करें। 'ॐ क्लीं कृष्णाय नमः' से जप आरंभ करें।

#कृष्ण 108 नाम#जप विधि#कृष्ण पूजा
तीर्थ यात्रा

गोकुल बरसाना नंदगाव दर्शन क्रम

मथुरा→वृंदावन→गोकुल (बाल्यकाल)→नंदगाव (नंद बाबा)→बरसाना (राधा जन्म; लट्ठमार होली)→गोवर्धन (परिक्रमा 21km)। 1-2 दिन। होली/जन्माष्टमी विशेष।

#गोकुल#बरसाना#नंदगाव
तीर्थ यात्रा

गुरुवायूर कृष्ण मंदिर दर्शन नियम

केरल; 'दक्षिण द्वारका'; कृष्ण बाल रूप। केवल हिंदू। पारंपरिक वस्त्र (मुंडू, शर्ट नहीं)। 3AM-1PM + 4:30-10PM। हाथी पूजा, पायसम प्रसाद। विवाह अत्यंत शुभ। कोची ~80km।

#गुरुवायूर#कृष्ण#केरल
तीर्थ यात्रा

मथुरा वृंदावन यात्रा कैसे करें

मथुरा (जन्मभूमि)+वृंदावन (बांके बिहारी/इस्कॉन/प्रेम मंदिर)+गोवर्धन+बरसाना। 2-3 दिन। दिल्ली→180km।

#मथुरा#वृंदावन#कृष्ण
मंत्र

हरे कृष्ण महामंत्र के 16 शब्दों का अर्थ

16 शब्द: हरे (ईश्वरीय शक्ति/राधा), कृष्ण (सर्वाकर्षक भगवान), राम (आनंददायक)। अर्थ: 'हे ईश्वरीय शक्ति, हे कृष्ण, हे राम — मुझे अपनी शरण/सेवा में लो।' कलिसंतरण उपनिषद: कलियुग में इन 16 नामों से मोक्ष। चैतन्य महाप्रभु ने जन-जन तक पहुंचाया।

#हरे कृष्ण#महामंत्र#16 शब्द
संत और भक्त

मीराबाई ने कृष्ण भक्ति में क्या सहा

मीरा ने कृष्ण भक्ति में सहा: ससुराल का अपमान, विष का प्याला, सांप, कांटों की शय्या, सामाजिक बहिष्कार, घर त्याग। 'मेरे तो गिरिधर गोपाल, दूसरो न कोई।' शिक्षा: सच्ची भक्ति = सब कष्ट सहन शक्ति। भक्ति में लोक-लाज गौण।

#मीराबाई#कृष्ण भक्ति#विरह
पौराणिक कथा

राधा कृष्ण का प्रेम आध्यात्मिक था या सांसारिक

राधा-कृष्ण प्रेम पूर्णतः आध्यात्मिक — राधा = ह्लादिनी शक्ति/जीवात्मा, कृष्ण = परमात्मा। यह सांसारिक प्रेम (possession) नहीं बल्कि निःस्वार्थ विरह भक्ति है। विरह = आत्मा की ईश्वर-मिलन व्याकुलता। चैतन्य परंपरा: अप्राकृत (अलौकिक) प्रेम।

#राधा कृष्ण#प्रेम#आध्यात्मिक
हिंदू दर्शन

कृष्ण ने महाभारत में युद्ध क्यों करवाया अहिंसा उल्लंघन

पूरा श्लोक: 'अहिंसा परमो धर्मः, धर्महिंसा तथैव च' — धर्म हेतु हिंसा भी धर्म। कृष्ण ने पहले सब शांति प्रयास किए (5 गांव भी नहीं मिले)। गीता 2.31 — क्षत्रिय का धर्म = अन्याय से लड़ना। अन्याय सहना = कायरता, अहिंसा नहीं।

#कृष्ण#युद्ध#अहिंसा
पौराणिक कथा

कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत क्यों उठाया आध्यात्मिक अर्थ

इंद्र यज्ञ रोककर गोवर्धन पूजा = अंधी परंपरा तोड़ना, प्रकृति सम्मान। इंद्र की प्रलयंकारी वर्षा में पर्वत उठाना = भगवान की शरण = सर्वरक्षा। आध्यात्मिक: इंद्र=अहंकार, गोवर्धन=प्रकृति/इंद्रिय पालन, कनिष्ठा उंगली=ईश्वर के लिए सब सरल।

#गोवर्धन#कृष्ण#इंद्र
हिंदू दर्शन

गीता में कृष्ण ने मन को वश में करना कैसे बताया

गीता 6.35 — अभ्यास + वैराग्य से मन वश होता है। अभ्यास = बार-बार मन को विषयों से हटाकर ध्येय पर लाना (6.26)। वैराग्य = विषय भोगों से विरक्ति। सहायक: ध्यान, इंद्रिय निग्रह (कछुआ उदाहरण), सात्विक आहार, ईश्वर शरणागति।

#मन#वश#गीता
हिंदू दर्शन

भागवत पुराण का मुख्य संदेश क्या है

भागवत पुराण का मुख्य संदेश: अनन्य भक्ति = मोक्ष का सरलतम मार्ग। नवधा भक्ति (7.5.23), कृष्ण लीला (10वां स्कंध), प्रह्लाद की भक्ति शक्ति, अजामिल की नाम-मुक्ति। सार: किसी भी समय, किसी भी स्थिति में भगवन्नाम = मुक्ति। 12 स्कंध, 18,000 श्लोक।

#भागवत पुराण#कृष्ण#भक्ति
आत्मा और मोक्ष

गीता में पुनर्जन्म के बारे में क्या कहा गया है

गीता में पुनर्जन्म का स्पष्ट वर्णन: 2.13 (देहांतर प्राप्ति), 2.20 (आत्मा अजन्मा), 2.22 (वस्त्र बदलना), 4.5 (बहुत जन्म), 8.6 (अंतिम भाव = अगला जन्म), 15.8 (वायु-सुगंध उदाहरण)। मुक्ति: गीता 8.15 — भगवान प्राप्ति पर पुनर्जन्म नहीं।

#गीता#पुनर्जन्म#कृष्ण
पर्व

अन्नकूट उत्सव में गोवर्धन पर्वत बनाने की विधि क्या है

गोवर्धन विधि: गाय गोबर से लेटे पुरुष (गिरिराज) बनाएँ → नाभि पर कटोरा (दूध/दही) → फूल-तुलसी सजाएँ → पूजा → 56 भोग (छप्पन) अर्पण → 7 परिक्रमा → गाय पूजा। भागवत: कृष्ण ने इन्द्र के बजाय गोवर्धन पूजा कराई।

#अन्नकूट#गोवर्धन#गोबर
त्योहार पूजा

जन्माष्टमी पर कंस वध की लीला का आध्यात्मिक संदेश क्या है?

कंस वध: कंस=अहंकार/भय, कृष्ण=सत्य। गीता 4.7-8 (अवतार)। अत्याचार अंत निश्चित। प्रेम>भय। आंतरिक कंस (लोभ-मोह)=विवेक से नष्ट।

#कंस वध#जन्माष्टमी#कृष्ण
त्योहार पूजा

गोवर्धन पूजा में अन्नकूट में कितने व्यंजन बनाने चाहिए?

अन्नकूट: छप्पन भोग (56)=आदर्श (8 भोजन/दिन × 7 दिन उपवास)। गृहस्थ=यथाशक्ति (21/32/56)। भावना>संख्या। गोबर गोवर्धन बनाएँ→अन्नकूट भोग→परिक्रमा→प्रसाद। नाथद्वारा=सबसे भव्य।

#गोवर्धन#अन्नकूट#छप्पन भोग
त्योहार पूजा

होली पर रंग खेलने का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?

रंग अर्थ: कृष्ण-गोपी लीला, समानता (सब एक=अद्वैत), जीवन रंग (अनुभव स्वीकार), बुराई बाद अच्छाई उत्सव, वसंत-प्रकृति एकत्व, क्षमा+नवीनता ('बुरा न मानो')। प्राकृतिक रंग (टेसू/हल्दी) प्रयोग।

#होली#रंग#आध्यात्मिक
त्योहार पूजा

जन्माष्टमी पर दही हांडी की परंपरा का पौराणिक आधार क्या है?

दही हांडी आधार: भागवत दशम स्कन्ध — बालकृष्ण+ग्वाल=गोपियों का माखन चुराना। ऊँची मटकी=गोपी रक्षा, मानव पिरामिड=ग्वाल, शीर्ष=कृष्ण (गोविन्दा)। पुनराभिनय। महाराष्ट्र=भव्य। 'गोविन्दा आला रे!'

#दही हांडी#जन्माष्टमी#कृष्ण
त्योहार पूजा

कृष्ण जन्माष्टमी पर दही हांडी का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?

दही हांडी अर्थ: सामूहिक शक्ति (अकेले लक्ष्य अप्राप्य), माखन = साधना से प्राप्त आनन्द/प्रेम, ऊँचाई = कठिन आध्यात्मिक लक्ष्य, गिरना-उठना = साधना बाधाएँ, नन्दोत्सव = 'आनन्दं ब्रह्म।' कृष्ण = भक्त के प्रेम का चोर।

#दही हांडी#गोविन्दा#कृष्ण लीला
पर्व

गोवर्धन पूजा कैसे करें

गोवर्धन पूजा: कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा। गोबर से गोवर्धन आकृति → पूजा → अन्नकूट (छप्पन भोग) अर्पण → परिक्रमा → गाय पूजा। भागवत: कृष्ण ने गोवर्धन उठाकर ब्रज रक्षा की। भावना: प्रकृति कृतज्ञता, गौ सेवा।

#गोवर्धन#अन्नकूट#कृष्ण
आज का पंचांग
आज की तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त

पंचांग सहित दैनिक मुहूर्त, राहु काल और चौघड़िया।

पर्व-पञ्चांग
सभी पर्व देखें

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी — पर्व-केन्द्रित प्रश्नोत्तर।