विस्तृत उत्तर
अम्बरीष चरित्र भक्ति, धर्म और क्षमा का आदर्श चरित्र है। वे चक्रवर्ती सम्राट थे, पर धन और राज्य के मद में नहीं आए। उन्होंने युक्त-वैराग्य अपनाया और हर वस्तु को भगवान की सेवा में लगाया। उनकी भक्ति केवल पूजा तक सीमित नहीं थी; जीवन की हर इंद्रिय और हर कर्म भगवान को समर्पित था। दुर्वासा के क्रोध के सामने भी वे शांत रहे। जब वही दुर्वासा उनके चरणों में आए, तब उन्होंने प्रतिशोध नहीं लिया, बल्कि उन्हें बचाया। इसीलिए अम्बरीष चरित्र वैष्णव परंपरा में शुद्ध भक्ति और क्षमाशीलता का उच्च आदर्श है।
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