विस्तृत उत्तर
राजा अम्बरीष वैवस्वत मनु की महान वंश-परंपरा से संबंधित थे। वे नाभाग के पुत्र थे और सूर्यवंशी परंपरा के प्रतापी राजा माने जाते हैं। उनका वंश धर्म, सत्यनिष्ठा और वैदिक आचार के लिए प्रसिद्ध था। अम्बरीष ने अपने पूर्वजों की परंपरा को केवल राजधर्म से नहीं, बल्कि भक्ति और वैराग्य से भी गौरवान्वित किया। वे चक्रवर्ती सम्राट होते हुए भी स्वयं को भगवान विष्णु का सेवक मानते थे। इसी कारण उनका चरित्र राजसत्ता और भक्तियोग दोनों का अद्भुत संगम माना जाता है।
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