विस्तृत उत्तर
असुरों को अमृत इसलिए नहीं मिला क्योंकि वे अमर होकर अधर्म और अत्याचार को बढ़ा सकते थे। उन्होंने समुद्र मंथन में श्रम किया था, लेकिन अमृत कलश मिलते ही लोभ और झगड़े में पड़ गए। भगवान विष्णु ने देखा कि यदि असुर अमृत पी गए, तो ब्रह्मांडीय संतुलन बिगड़ जाएगा। इसलिए उन्होंने मोहिनी रूप धारण किया। असुर मोहिनी के सौंदर्य में फंस गए और बिना सोचे अमृत कलश उन्हें दे दिया। मोहिनी ने अमृत देवताओं को पिला दिया। यह कथा बताती है कि अमृत केवल शक्ति नहीं, बल्कि धर्म के पक्ष में सुरक्षित शक्ति है।
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