विस्तृत उत्तर
भक्त अपराध से बचने का मुख्य उपाय विनम्रता, सावधानी और सम्मान है। किसी साधु, भक्त या धर्मनिष्ठ व्यक्ति के बाहरी व्यवहार को देखकर जल्द निर्णय नहीं करना चाहिए। दुर्वासा ने अम्बरीष के जल-पान को समझे बिना अपमान मान लिया और बड़ा अपराध कर बैठे। यदि किसी भक्त के प्रति भूल हो जाए, तो तुरंत क्षमा माँगनी चाहिए। भगवान विष्णु ने भी दुर्वासा से कहा कि वे अम्बरीष के पास जाकर क्षमा माँगें। इस कथा से सीख मिलती है कि तप, विद्या या शक्ति का अहंकार भक्त-अपमान में बदल जाए तो उसका परिणाम अत्यंत कठिन हो सकता है।
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