विस्तृत उत्तर
भस्मासुर ने शिव जी को मारने की कोशिश इसलिए की क्योंकि वरदान पाते ही वह कृतघ्न और अहंकारी हो गया। उसे शिव जी के उपकार की याद नहीं रही। उसने सोचा कि यदि शिव जी पर हाथ रखकर वे भस्म हो जाते हैं, तो वरदान सिद्ध हो जाएगा और उसके सामने कोई बाधा नहीं बचेगी। उसके मन में पार्वती जी को पाने की भी अधार्मिक इच्छा थी। यह घटना दिखाती है कि शक्ति जब अधम बुद्धि वाले व्यक्ति को मिलती है, तो वह सबसे पहले अपने उपकारी पर ही आक्रमण कर सकता है। इसलिए भस्मासुर का विनाश केवल दंड नहीं, धर्म की रक्षा था।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक



