विस्तृत उत्तर
भृगु ऋषि ने भगवान विष्णु को श्राप दिया कि उन्हें मनुष्य रूप में पृथ्वी पर बार-बार जन्म लेना पड़ेगा। श्राप का कारण काव्या माता का वध था। भृगु ने कहा कि जैसे विष्णु ने उन्हें पत्नी-वियोग का दुःख दिया है, वैसे ही विष्णु भी मानव जन्म में अपनी पत्नी से वियोग सहेंगे। कुछ परंपराओं में यह श्राप सात जन्मों से जोड़ा जाता है, जबकि लोक-व्याख्या में इसे दशावतार की पृष्ठभूमि से भी जोड़ा जाता है। इस श्राप का सबसे प्रसिद्ध फल राम अवतार में सीता-वियोग के रूप में देखा जाता है।
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