विस्तृत उत्तर
दुर्वासा ने अम्बरीष से क्षमा इसलिए माँगी क्योंकि सुदर्शन चक्र से मुक्ति का यही एकमात्र मार्ग था। वे ब्रह्मा, शिव और विष्णु तक गए, पर किसी ने उन्हें सीधे नहीं बचाया। भगवान विष्णु ने स्पष्ट कहा कि अपराध अम्बरीष के प्रति हुआ है, इसलिए क्षमा भी अम्बरीष से ही मिलेगी। दुर्वासा पृथ्वी पर लौटे और अम्बरीष के चरणों में गिर पड़े। उनके भीतर का अहंकार टूट चुका था। अम्बरीष ने कोई प्रतिशोध नहीं लिया, बल्कि सुदर्शन चक्र से दुर्वासा की पीड़ा शांत करने की प्रार्थना की।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
