विस्तृत उत्तर
हंस अवतार और सनकादिक मुनियों का संबंध हंस गीता के प्रश्न-उत्तर से है। सनक, सनन्दन, सनातन और सनत्कुमार ब्रह्मा जी के मानस पुत्र थे और जन्म से ही ब्रह्मज्ञानी तथा विरक्त थे। उन्होंने ब्रह्मा जी से पूछा कि मन और इंद्रिय-विषयों का परस्पर संबंध कैसे टूट सकता है। ब्रह्मा जी इस गूढ़ प्रश्न का समाधान नहीं दे सके और भगवान विष्णु का ध्यान किया। तब भगवान हंस रूप में प्रकट हुए। सनकादिक मुनियों ने पूछा, आप कौन हैं? इसी प्रश्न से भगवान ने अद्वैत आत्मज्ञान और मोक्ष का उपदेश आरंभ किया।
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