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विस्तृत उत्तर
जय-विजय का पहला जन्म सत्ययुग में हिरण्यकशिपु और हिरण्याक्ष के रूप में हुआ। इस जन्म में वे दिति और कश्यप के पुत्र बने और उनमें क्रोध तथा विष्णु-विरोध की प्रधानता थी। विजय हिरण्याक्ष के रूप में प्रकट हुआ, जिसने पृथ्वी को रसातल में डाला और भगवान वराह द्वारा मारा गया। जय हिरण्यकशिपु बना, जिसने प्रह्लाद पर अत्याचार किए और भगवान नृसिंह द्वारा मारा गया। यह उनके श्राप का पहला चरण था।
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