विस्तृत उत्तर
कृत्या एक भयंकर विनाशकारी राक्षसी थी जिसे दुर्वासा ऋषि ने अपने क्रोध से उत्पन्न किया। जब दुर्वासा ने देखा कि अम्बरीष ने उनके लौटने से पहले जल ग्रहण कर लिया है, तो उन्होंने इसे अपमान माना। क्रोध में उन्होंने अपनी जटा उखाड़कर पृथ्वी पर पटकी। उसी से प्रलयाग्नि जैसी कृत्या प्रकट हुई। उसके हाथ में चमकती तलवार थी और वह राजा अम्बरीष को मारने दौड़ी। परंतु वह अम्बरीष को छू भी नहीं सकी। भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र प्रकट हुआ और उसने कृत्या को भस्म कर दिया।
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