विस्तृत उत्तर
कुसंग का परिणाम धुंधुकारी की कथा में बहुत कठोर रूप से दिखता है। वह पाँच वेश्याओं के साथ घर में रहने लगा। उनके पोषण और भोग-सामग्री जुटाने की चिंता ने उसकी बुद्धि बिगाड़ दी और वह अनेक प्रकार के क्रूर कर्म करने लगा। जब उन स्त्रियों ने उससे गहने माँगे, तो वह काम से अंधा होकर धन जुटाने निकला और चोरी करके वस्त्र और आभूषण ले आया। चोरी का बहुत माल देखकर उन्हीं स्त्रियों ने सोचा कि यह राजा के हाथ पकड़ा जाएगा और धन भी छिन जाएगा, इसलिए इसे मार देना चाहिए। उन्होंने उसे बाँधा, फाँसी लगाई और दहकते अंगारों से मार डाला। कुसंग ने उसका धन, जीवन और मृत्यु के बाद की गति सब नष्ट कर दी।
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