विस्तृत उत्तर
यह एक अत्यंत रोचक प्रश्न है जिस पर विद्वानों और वैज्ञानिकों दोनों में विचार होता रहा है।
समानताएं — ब्रह्मास्त्र और परमाणु बम में कई उल्लेखनीय समानताएं हैं। जहाँ ब्रह्मास्त्र चलाया जाता था वहाँ 12 वर्षों तक अकाल पड़ता था — परमाणु बम के बाद भी दशकों तक रेडियोएक्टिव प्रभाव रहता है। ब्रह्मास्त्र से गर्भ में बच्चे मारे जाने का उल्लेख है — परमाणु विकिरण से भी ऐसा होता है। दो ब्रह्मास्त्रों के टकराने से प्रलय का उल्लेख है — परमाणु युद्ध के परिणाम भी ऐसे ही होंगे।
ओपनहाइमर का संदर्भ — परमाणु बम के जनक जे. रॉबर्ट ओपनहाइमर ने महाभारत और भगवद्गीता का गहन अध्ययन किया था। परमाणु परीक्षण के बाद उन्होंने गीता का श्लोक उद्धृत किया — 'अब मैं मृत्यु बन गया हूँ।' उन्होंने अपने मिशन को 'ट्रिनिटी' (त्रिदेव) नाम दिया।
सीमाएं — ब्रह्मास्त्र एक मांत्रिक अस्त्र था जो आध्यात्मिक शक्ति और मंत्र से चलता था। परमाणु बम भौतिक-रासायनिक ऊर्जा पर आधारित है। दोनों में मूलभूत प्रकृति का अंतर है। इसलिए ब्रह्मास्त्र को परमाणु बम का प्राचीन रूप कहना एक अनुमान है, पक्का तथ्य नहीं।





