विस्तृत उत्तर
मृत संजीवनी विद्या पुराणों में वर्णित एक अत्यंत दिव्य और दुर्लभ विद्या है, जिसके द्वारा मृत प्राणी या युद्ध में मरे योद्धा को फिर से जीवित किया जा सकता है। यह विद्या सामान्य औषधि नहीं, बल्कि मंत्र, तप और ईश्वरीय अनुग्रह से जुड़ी शक्ति मानी जाती है। असुरों के गुरु शुक्राचार्य इस विद्या को प्राप्त करना चाहते थे ताकि देवासुर युद्ध में मरे हुए असुरों को पुनर्जीवित कर सकें। इसके लिए वे भगवान शिव की कठोर तपस्या करने गए। यही विद्या आगे चलकर असुरों को देवताओं के सामने बार-बार शक्तिशाली बनाती रही।
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