विस्तृत उत्तर
रामचरितमानस को पूरा होने में 2 वर्ष 7 महीने 26 दिन का समय लगा।
रचना का आरम्भ — संवत् 1631 (1574 ई.) चैत्र शुक्ल नवमी (रामनवमी), मंगलवार, अयोध्या में।
रचना की समाप्ति — संवत् 1633 (1576 ई.) मार्गशीर्ष शुक्लपक्ष में, राम विवाह के दिन।
गीताप्रेस गोरखपुर के सम्पादक हनुमान प्रसाद पोद्दारजी के अनुसार इसमें ठीक 2 वर्ष 7 महीने 26 दिन लगे। रामचरितमानस के सातों काण्ड इसी अवधि में पूर्ण हुए।
विशेष बात — रचना का आरम्भ रामनवमी (राम जन्म) के दिन हुआ और समाप्ति राम विवाह के दिन — अर्थात् जन्म से विवाह तक की कथा लिखने में जितना समय लगा, ठीक उसी अवधि में सम्पूर्ण सात काण्ड पूरे हो गये। इसके बाद इसे काशी में भगवान विश्वनाथ और माता अन्नपूर्णा के समक्ष समर्पित किया गया।





