विस्तृत उत्तर
रसातल लोक का स्वरूप सामान्य मानवीय कल्पना और पृथ्वी के भौतिक नियमों से सर्वथा भिन्न है। इसकी भूमि पथरीली और अश्ममयी है, पर वहाँ का स्वरूप अत्यंत मायावी और भव्य है। महान असुर वास्तुकार मय दानव ने अधोलोकों में भव्य नगर, गगनचुंबी महल, विस्तृत प्रांगण और स्वर्ण जड़ित मंदिर बनाए हैं। रसातल के महल मूल्यवान रत्नों, स्फटिकों और स्वर्ण से निर्मित हैं। वहाँ सुंदर उद्यान हैं, जिनमें कल्पवृक्ष लगे हैं। झीलें और सरोवर दिव्य कमलों से भरे रहते हैं और कोकिलों की मधुर ध्वनि से गूंजते हैं। इसलिए रसातल कठोर भू-प्रकृति के बावजूद अत्यंत ऐश्वर्यशाली और विलासी बिल-स्वर्ग है।
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