विस्तृत उत्तर
सुदर्शन चक्र और भक्त अम्बरीष का संबंध भगवान की भक्त-रक्षा से जुड़ा है। अम्बरीष इतने निष्कपट और समर्पित भक्त थे कि भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र को उनकी रक्षा के लिए नियुक्त किया। जब दुर्वासा ने कृत्या उत्पन्न कर अम्बरीष को मारना चाहा, तब चक्र स्वयं प्रकट हुआ। उसने कृत्या को भस्म किया और दुर्वासा का पीछा किया। पर कथा की सबसे बड़ी बात यह है कि सुदर्शन चक्र अम्बरीष की करुणा से शांत हुआ। इससे स्पष्ट है कि भक्त की रक्षा भगवान करते हैं, पर भक्त का हृदय क्षमा और दया से भरा रहता है।
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