विस्तृत उत्तर
सुदर्शन चक्र ने कृत्या को अपनी दिव्य अग्नि और तेज से भस्म कर दिया। दुर्वासा ऋषि ने क्रोध में अपनी जटा से कृत्या नामक भयंकर राक्षसी उत्पन्न की थी। वह तलवार लेकर राजा अम्बरीष पर आक्रमण करने दौड़ी। अम्बरीष न डरे, न भागे, न प्रतिकार किया। जैसे ही कृत्या उनके निकट पहुँची, भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र प्रकट हुआ। उसके प्रकाश और अग्नि से पूरा वातावरण भर गया। चक्र ने कृत्या को घेरकर पलभर में जला दिया। यह भक्त पर भगवान की अदृश्य रक्षा का प्रत्यक्ष प्रमाण था।
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