विस्तृत उत्तर
ताड़का वध और काव्या माता वध का संबंध वाल्मीकि रामायण के धर्म-विचार से है। श्रीराम ताड़का को स्त्री होने के कारण मारने में संकोच कर रहे थे। तब विश्वामित्र ने कहा कि रक्षक का धर्म लोक-कल्याण है। उन्होंने भगवान विष्णु द्वारा भृगु-पत्नी के वध का उदाहरण दिया, जहाँ विष्णु ने इंद्र और सृष्टि-व्यवस्था को बचाने के लिए कठोर निर्णय लिया था। इस तुलना का अर्थ यह नहीं कि दोनों स्त्रियाँ समान थीं, बल्कि यह कि धर्म कभी-कभी अत्यंत कठिन और असुविधाजनक निर्णय माँगता है। ताड़का वध इसी राजधर्म की शिक्षा के साथ जुड़ता है।
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