विस्तृत उत्तर
तंत्र में ध्यान की विधि तंत्रालोक और विज्ञान भैरव तंत्र में विस्तार से वर्णित है:
विज्ञान भैरव तंत्र
112 ध्यान विधियाँ। तंत्र ध्यान = शरीर, श्वास और मंत्र का एकत्र उपयोग।
तंत्र ध्यान की पाँच विधियाँ
1देव-रूप ध्यान
इष्ट देव (काली/भैरव/शिव) का स्वरूप — शस्त्र, आभूषण, वाहन — विस्तार से मन में।
2श्वास-मंत्र ध्यान (सर्वोच्च)
विज्ञान भैरव: 'श्वास लेते — सः, श्वास छोड़ते — हम्।' = 'सोऽहम्' = 'वह (शिव) मैं हूँ।'
3बिंदु ध्यान
आज्ञा चक्र (भौंहों के मध्य) पर एकाग्रता। नीला बिंदु या ज्योति।
4नाद ध्यान
भीतर की ध्वनि (अनाहत नाद) सुनना।
5श्मशान ध्यान (उन्नत)
मृत्यु का ध्यान — अहंकार विसर्जन। काली-अघोर परंपरा।
तंत्रालोक
स्वात्मनि विश्वं पश्येत्।' — अपनी आत्मा में समस्त विश्व देखना — तंत्र ध्यान का परम लक्ष्य।





