विस्तृत उत्तर
वैतरणी नदी भयानक इसलिए है क्योंकि इसका निर्माण ही पापियों को यातना देने के लिए हुआ है। यह यमलोक के दक्षिणी द्वार के मार्ग में स्थित है और १०० योजन चौड़ी है। इसमें जल के स्थान पर उबलता हुआ रक्त, पीब, मज्जा, मूत्र और हड्डियाँ बहती हैं। नदी के किनारे नुकीले काँटों वाले भयंकर सेमल के वृक्ष हैं। जब पापी आत्मा इस नदी के पास पहुँचती है, तो नदी का रक्त खौलने लगता है। यमदूत पापियों को भालों और त्रिशूलों से छेदकर नदी में धकेल देते हैं।
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