विस्तृत उत्तर
वितल लोक मुक्त पुरुषों को भी आकर्षित कर सकता है क्योंकि वहाँ का सौंदर्य, ऐश्वर्य और विलासिता अत्यंत मोहक बताई गई है। नारद जी ने पाताल की महिमा कहते हुए कहा कि जहाँ नागों के आभूषणों में सुंदर प्रभायुक्त शुभ्र मणियाँ जड़ी हैं और जहाँ दैत्य तथा दानवों की कन्याएँ लोक को सुशोभित करती हैं, वहाँ किस मुक्त पुरुष की भी प्रीति न होगी। उनका यह संवाद स्पष्ट करता है कि इन लोकों की सुंदरता इतनी मोहक है कि वह विरक्त और मुक्त पुरुषों के मन को भी विचलित करने की क्षमता रखती है।
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