विस्तृत उत्तर
वृंदा और रामायण का संबंध उसके विष्णु को दिए श्राप से जोड़ा जाता है। वृंदा ने कहा था कि जिस प्रकार उसे पति-वियोग और छल का दुःख मिला है, वैसे ही विष्णु भी मानव जन्म में पत्नी-वियोग सहेंगे। उसने यह भी कहा कि जिन मायावी राक्षसों और वानरों से उसका छल हुआ, भविष्य में विष्णु को पत्नी की खोज में वानरों की सहायता लेनी पड़ेगी और राक्षस उसकी पत्नी का हरण करेंगे। इस श्राप को त्रेता युग में रामावतार से जोड़ा जाता है, जहाँ रावण सीता का हरण करता है और राम सुग्रीव, हनुमान और वानर-सेना की सहायता से सीता की खोज करते हैं।
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