विस्तृत उत्तर
अम्बरीष-दुर्वासा कथा हिंदी में भक्त और तपस्वी के अहंकार का सुंदर अंतर दिखाती है। राजा अम्बरीष ने एकादशी व्रत का पालन किया और द्वादशी पर पारण करना था। दुर्वासा ऋषि अतिथि बने, पर स्नान में देर कर दी। व्रत बचाने के लिए अम्बरीष ने केवल जल पिया। दुर्वासा ने इसे अपमान समझकर कृत्या उत्पन्न की। सुदर्शन चक्र ने अम्बरीष की रक्षा की और दुर्वासा को तीनों लोकों में दौड़ाया। विष्णु ने कहा कि वे भक्त के अधीन हैं। अंत में दुर्वासा ने अम्बरीष से क्षमा माँगी और अम्बरीष ने उन्हें बचाया।
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