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विस्तृत उत्तर
भूत योनि का बड़ा कारण तीव्र अपूर्ण इच्छाएं और वासना है। यदि कोई व्यक्ति मृत्यु के समय प्रतिशोध या बदला लेने की प्रबल भावना से अत्यंत गहराई से जुड़ा हो, तो उसकी आत्मा भौतिक जगत से अलग नहीं हो पाती। वह भूत बनकर उसी स्थान या व्यक्ति के इर्द-गिर्द भटकती रहती है। भूत प्रायः उसी स्थान पर रहते हैं जहाँ उनकी मृत्यु हुई थी या जहाँ उनका सर्वाधिक मोह था। इसलिए बदले की अधूरी इच्छा आत्मा को भूत अवस्था में बाँध देती है।
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