विस्तृत उत्तर
भागवत पाठ से पहले प्रणाम की विधि बताई गई है। पाठ कहता है कि मनुष्यों में सर्वश्रेष्ठ भगवान के अवतार नर-नारायण ऋषियों को, देवी सरस्वती को और श्री व्यासदेव को नमस्कार करके तब इस श्रीमद्भागवत महापुराण का पाठ करना चाहिए। हिंदी व्याख्या में यह भी कहा गया है कि यह पाठ संसार और अंतःकरण के समस्त विकारों पर विजय दिलाने वाला है। इसलिए आरंभ में प्रणाम केवल औपचारिकता नहीं है; यह कथा को भगवान, ऋषि, वाणी और ग्रंथ-परंपरा के प्रति श्रद्धा से जोड़ता है। भागवत पढ़ने से पहले विनम्रता, स्मरण और नमस्कार का भाव रखना चाहिए।
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