विस्तृत उत्तर
भस्मासुर का वरदान यह था कि वह जिस भी प्राणी के सिर पर अपना हाथ रखे, वह तुरंत भस्म हो जाए। यह वरदान भगवान शिव ने उसे दिया था। वृकासुर ने इसे अपनी कठोर तपस्या के फलस्वरूप पाया, लेकिन उसका उद्देश्य अधार्मिक था। वह इस शक्ति से देवताओं, मनुष्यों और अंततः स्वयं शिव जी पर अधिकार पाना चाहता था। वरदान मिलते ही उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई और उसने शिव जी को ही भस्म करने की कोशिश की। इसी कारण यह वरदान वरदान से अधिक विनाश का साधन बन गया और अंत में उसी के अपने सिर पर हाथ रखने से उसका अंत हुआ।
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