विस्तृत उत्तर
भस्मासुर, जिसे श्रीमद्भागवत में वृकासुर कहा गया है, शकुनि नामक असुर का पुत्र था। यहाँ यह ध्यान रखना चाहिए कि यह शकुनि महाभारत के गांधारराज शकुनि से अलग एक प्राचीन दैत्य है। वृकासुर अपने पिता की दैत्य-परंपरा से शक्ति, अधिकार और प्रभुत्व की इच्छा लेकर चला। वह त्रिलोक पर शासन करना चाहता था और इसी कारण उसने किसी शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता से वरदान पाने की ठानी। देवर्षि नारद से मार्गदर्शन पाने के बाद उसने भगवान शिव की कठोर तपस्या की। आगे चलकर वही वृकासुर भस्मासुर नाम से प्रसिद्ध हुआ।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
