विस्तृत उत्तर
बुरी या अशुभ वासनाओं के मिटने का उपाय भगवान की कथा और भागवत सेवा से बताया गया है। भगवान श्रीकृष्ण का यश सुनना और कीर्तन करना दोनों पवित्र करने वाले हैं। जो लोग उनकी कथा सुनते हैं, उनके हृदय में कृष्ण स्वयं आकर स्थित होते हैं और अशुभ वासनाओं को नष्ट करते हैं, क्योंकि वे संतों के नित्य सुहृद हैं। आगे कहा गया है कि श्रीमद्भागवत अथवा भगवद्कथा के निरंतर सेवन से जब अशुभ वासनाएँ नष्ट हो जाती हैं, तब पवित्र कीर्ति वाले भगवान कृष्ण के प्रति स्थायी प्रेम की प्राप्ति होती है। इसलिए वासनाओं की शुद्धि केवल दमन से नहीं, बल्कि कृष्ण-कथा के पवित्र श्रवण, कीर्तन और निरंतर भागवत-सेवा से होती है।
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