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विस्तृत उत्तर
धनतेरस पर धन की पूजा केवल पैसे की पूजा नहीं है। इस कथा में धन को श्रम, धर्म, स्वच्छता और लक्ष्मी-कृपा से जुड़ा बताया गया है। इसलिए धन की पूजा करते समय यह भाव रखा जाता है कि धन अहंकार नहीं, सेवा और शुभ कर्म का साधन बने।
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