विस्तृत उत्तर
दुर्वासा एक साल बाद इसलिए लौटे क्योंकि सुदर्शन चक्र से बचने के लिए वे लंबे समय तक तीनों लोकों में भागते रहे। वे पहले ब्रह्मा जी के पास गए, फिर शिव जी के पास, और अंत में वैकुण्ठ में भगवान विष्णु के पास पहुँचे। पर कहीं भी उन्हें तत्काल मुक्ति नहीं मिली। भगवान विष्णु ने उन्हें समझाया कि अपराध अम्बरीष के प्रति हुआ है, इसलिए क्षमा भी अम्बरीष से ही माँगनी होगी। इस पूरे दिव्य भ्रमण में पृथ्वी पर एक वर्ष बीत गया। लौटकर दुर्वासा ने अम्बरीष के चरण पकड़े और क्षमा माँगी।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
