विस्तृत उत्तर
हंस अवतार का प्रमुख वर्णन श्रीमद्भागवत महापुराण के एकादश स्कंध में मिलता है, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण उद्धव को हंस गीता का प्रसंग सुनाते हैं। इसमें सनकादिक मुनियों के प्रश्न, ब्रह्मा जी की असमर्थता और भगवान विष्णु के हंस रूप में प्राकट्य का वर्णन है। इसके अतिरिक्त महाभारत के शांति पर्व के मोक्षधर्म पर्व में भी हंस गीता का उल्लेख मिलता है। वहाँ हंस स्वरूप द्वारा साध्य देवों को सत्य, क्षमा, आत्मनियंत्रण और मोक्षधर्म का उपदेश दिया गया है। इसलिए यह अवतार भागवत और महाभारत दोनों में आध्यात्मिक ज्ञान के रूप में प्रतिष्ठित है।
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