विस्तृत उत्तर
हरि हर एकता का अर्थ है कि भगवान विष्णु और भगवान शिव तत्त्वतः अलग-अलग परमसत्ताएँ नहीं, बल्कि एक ही दिव्य सत्य के दो रूप हैं। हरि विष्णु का नाम है और हर शिव का। एक जगत का पालन करते हैं, दूसरे संहार और वैराग्य के अधिष्ठाता हैं, पर दोनों का लक्ष्य धर्म और जीवों का कल्याण है। भस्मासुर कथा में विष्णु शिव जी को संकट से बचाते हैं। यह प्रसंग बताता है कि दोनों में प्रतियोगिता नहीं, परस्पर प्रेम और अभेद है। हरि-हर एकता भक्त को संकीर्ण भेदभाव से ऊपर उठाकर व्यापक ईश्वर-तत्त्व समझाती है।
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