विस्तृत उत्तर
जालंधर नाम ब्रह्मा जी ने रखा था। कथा के अनुसार, जब शिव की क्रोधाग्नि समुद्र में बालक के रूप में प्रकट हुई, तो उसका रुदन इतना भीषण था कि ब्रह्मांड काँप उठा। ब्रह्मा जी वहाँ पहुँचे और उस बालक को गोद में उठाया। बालक ने ब्रह्मा जी का गला इतनी शक्ति से पकड़ लिया कि उनके नेत्रों से जल यानी आँसू बह निकले। इसी जल और उसकी असाधारण पकड़ के कारण ब्रह्मा ने उसे जालंधर नाम दिया। नाम का अर्थ जल से संबंध रखने वाला या जल धारण करने वाला माना जाता है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक



