मंत्र साधनानरसिंह भगवान का शत्रु नाशक बीज मंत्रशत्रुओं और काले जादू के तत्काल नाश के लिए भगवान नरसिंह के बीज मंत्र 'क्ष्रौं' या उग्र वीर मंत्र का गोधूलि बेला (शाम के समय) में लाल वस्त्र पहनकर जप करना अत्यंत अचूक है।#नरसिंह#शत्रु नाश#रक्षा
मंत्र साधनादुर्गा सप्तशती के निर्वाण मंत्र की साधनायह 'नवार्ण' (9 अक्षरों का) मंत्र है: 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे'। इसमें सरस्वती, लक्ष्मी और काली तीनों की शक्ति है। इसका जप जीवन के सभी दुःखों और शत्रुओं का पूर्ण नाश करता है।#नवार्ण मंत्र#दुर्गा#मार्कंडेय पुराण
मंत्र साधनामहामृत्युंजय मंत्र का संपुट पाठ कैसे करेंगंभीर रोगों के निवारण हेतु मूल मंत्र के आगे और पीछे 'ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः' बीजाक्षरों का संपुट लगाकर रुद्राक्ष माला से जप करना महामृत्युंजय संपुट पाठ कहलाता है।#महामृत्युंजय#संपुट पाठ#रोग निवारण
मंत्र साधनागायत्री मंत्र के 24 अक्षरों के 24 देवतागायत्री मंत्र के 24 अक्षर 24 अलग-अलग देवताओं (जैसे अग्नि, सूर्य, विष्णु, शिव, सरस्वती) का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके जप से शरीर की 24 ग्रंथियां और इन सभी देवताओं की शक्तियां जाग्रत होती हैं।#गायत्री मंत्र#24 अक्षर#देवता
मंत्र साधनादत्तात्रेय मंत्र 'ॐ द्रां' के चमत्कारी अनुभव'द्रां' बीज मंत्र त्रिदेवों की संयुक्त ऊर्जा है। इसके जप से भारी से भारी पितृ दोष और काले जादू का प्रभाव कट जाता है तथा साधक को सूक्ष्म गुरुओं का मार्गदर्शन प्राप्त होता है।#दत्तात्रेय#द्रां बीज#त्रिदेव
मंत्र साधनाकार्तिकेय जी का 'ॐ शरवणभवाय नमः' मंत्र'ॐ शरवणभवाय नमः' कार्तिकेय का छह अक्षरों वाला महामंत्र है। यह भीतर के विकारों को नष्ट करता है, साहस बढ़ाता है और कोर्ट-केस तथा मंगल दोष से मुक्ति दिलाता है।#कार्तिकेय#शरवणभव#षडानन
मंत्र साधनाकुबेर अष्टलक्ष्मी मंत्र से धन वृद्धि कैसे करेंकुबेर (धन रक्षक) और अष्टलक्ष्मी (धन रचयिता) के संयुक्त मंत्र का उत्तर दिशा की ओर मुख करके कमल गट्टे की माला से जप करने पर धन का आना और टिकना दोनों सुनिश्चित होता है।#कुबेर#अष्टलक्ष्मी#धन वृद्धि
मंत्र साधनासूर्य देव का 'ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' मंत्रयह सूर्य का प्रचंड बीज मंत्र है। प्रातःकाल अर्घ्य देते समय इसका जप करने से नेत्र रोग, शारीरिक दुर्बलता और निराशा दूर होती है, तथा आत्मबल और मान-सम्मान में वृद्धि होती है।#सूर्य#बीज मंत्र#आरोग्य
मंत्र साधनासरस्वती माता का 'ऐं' मंत्र और वीणा साधना'ऐं' मंत्र वाणी का बीज है और 'वीणा' शरीर की सुषुम्ना नाड़ी का प्रतीक है। 'ऐं' के गहरे जप से भीतर की नाड़ी झंकृत होती है, जिससे कला, संगीत और कुशाग्र बुद्धि की प्राप्ति होती है।#सरस्वती#ऐं बीज#वीणा
मंत्र साधनाराम नाम और 'रामाय नमः' मंत्र में क्या अंतर है'राम' एक स्वतंत्र नाम है जिसे बिना किसी नियम और शुद्धि के जपा जा सकता है। जबकि 'ॐ रामाय नमः' एक मंत्र है, जिसके लिए आसन, दीक्षा और नियमों का पालन अनिवार्य है।#राम नाम#रामाय नमः#नाम जप
मंत्र साधनाकृष्ण के 'क्लीं कृष्णाय गोविंदाय' मंत्र की जप संख्यायह 18 अक्षरों का महामंत्र है, इसलिए इसकी पूर्ण सिद्धि के लिए 18 लाख जप का विधान है। हालांकि, सवा लाख (1,25,000) का अनुष्ठान करके भी इसे सिद्ध किया जा सकता है।#कृष्ण#क्लीं#गोविंद
मंत्र साधनागणेश जी का 'ग्लौम' बीज मंत्र और उसका प्रभाव'ग्लौं' पृथ्वी तत्व का बीज मंत्र है। इसके उच्चारण से जीवन, व्यापार और बुद्धि में स्थिरता आती है और जड़ जमा चुके बड़े-बड़े विघ्न आसानी से नष्ट हो जाते हैं।#गणेश#ग्लौम#बीज मंत्र
मंत्र साधनाहनुमान जी का 'हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्' मंत्रयह हनुमान जी का एक उग्र तांत्रिक 'अस्त्र मंत्र' है। इसका प्रयोग काले जादू, भूत-प्रेत और प्राणघातक शत्रुओं का तत्काल नाश कर अभेद्य सुरक्षा प्राप्त करने के लिए किया जाता है।#हनुमान#रुद्रावतार#शत्रु नाश
मंत्र साधनालक्ष्मी जी का 'ह्रीं' बीज मंत्र सिद्ध करने की विधि'ह्रीं' माया और ऐश्वर्य का बीज है। इसे सिद्ध करने के लिए शुक्रवार की रात को उत्तर मुख होकर कमल गट्टे की माला से 'ॐ ह्रीं महालक्ष्म्यै नमः' का जप करना चाहिए।#लक्ष्मी#बीज मंत्र#ह्रीं
मंत्र साधनाविष्णु अष्टाक्षर मंत्र 'ॐ नमो नारायणाय' के लाभअष्टाक्षर मंत्र 'ॐ नमो नारायणाय' पूर्ण समर्पण जाग्रत करता है, सभी पापों को नष्ट करता है, विपत्तियों से रक्षा करता है और अंततः साधक को मोक्ष (बैकुंठ) प्रदान करता है।#विष्णु#अष्टाक्षर#नारायण
मंत्र साधनाशिव पंचाक्षर मंत्र का 1 लाख जप कैसे करेंसंकल्प लेकर 40 या निर्धारित दिनों में रुद्राक्ष माला से प्रतिदिन निश्चित संख्या में जप करें। पूर्ण होने पर दशांश हवन, तर्पण और ब्राह्मण भोजन से अनुष्ठान सिद्ध होता है।#शिव पंचाक्षर#अनुष्ठान#1 लाख जप
मंत्र साधनानवार्ण मंत्र सिद्ध करने का तरीकानवार्ण मंत्र ('ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे') को सिद्ध करने के लिए नवरात्रि के नौ दिनों में पूर्ण ब्रह्मचर्य के साथ लाल आसन पर सवा लाख जप कर अंत में दशांश हवन करना चाहिए।#नवार्ण मंत्र#दुर्गा#सिद्धि
मंत्र साधनागायत्री मंत्र के 24 अक्षर और अर्थगायत्री मंत्र (ॐ भूर्भुवः स्वः...) का अर्थ है: हम उस सर्वश्रेष्ठ, पापनाशक, तेजस्वी परमात्मा का ध्यान करते हैं। वह दिव्य शक्ति हमारी बुद्धि को सन्मार्ग (सत्य) की ओर प्रेरित करे।#गायत्री मंत्र#24 अक्षर#अर्थ
मंत्र साधनासफलता पाने का सूर्य मंत्रहर कार्य में सफलता, आत्मबल और मान-सम्मान पाने के लिए प्रातःकाल तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल अर्पित करते हुए 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' का जप करना चाहिए।#सफलता#सूर्य#मान-सम्मान
मंत्र साधनातिजोरी में रखने वाला धन मंत्रधन संचय के लिए शुक्रवार या दीपावली को भोजपत्र पर लाल चंदन से 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः' लिखकर, उसे अभिमंत्रित कर लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखना चाहिए।#तिजोरी#धन मंत्र#भोजपत्र
मंत्र साधनामानसिक शांति के लिए कृष्ण मंत्रअत्यधिक तनाव और बेचैनी दूर कर असीम मानसिक शांति पाने के लिए 'ॐ क्लीं कृष्णाय नमः' या क्लेशनाशक श्लोक 'कृष्णाय वासुदेवाय हरये...' का मानसिक स्मरण करना सर्वोत्तम है।#मानसिक शांति#कृष्ण#क्लेश नाश
मंत्र साधनायाददाश्त बढ़ाने के लिए हयग्रीव मंत्रविलक्षण याददाश्त और कुशाग्र बुद्धि के लिए ज्ञान के अवतार भगवान हयग्रीव के सिद्ध श्लोक 'ज्ञानानन्दमयं देवं निर्मलस्फटिकाकृतिम्...' का अध्ययन से पूर्व स्मरण करना चाहिए।#हयग्रीव#याददाश्त#विष्णु अवतार
मंत्र साधनादुकान की बिक्री बढ़ाने का लक्ष्मी मंत्रदुकान में ग्राहकों की वृद्धि और व्यापार बंधन काटने के लिए नित्य दुकान खोलने के पश्चात गद्दी पर बैठकर 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' का कमल गट्टे की माला से जप करना चाहिए।#दुकान#बिक्री#महालक्ष्मी
मंत्र साधनाबीमारी से रक्षा के लिए महामृत्युंजय मंत्रगंभीर बीमारियों और अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए भगवान शिव के 'महामृत्युंजय मंत्र' का रुद्राक्ष की माला से जप और अमृत वर्षा का ध्यान करना सनातन धर्म का सबसे अचूक उपाय है।#महामृत्युंजय#बीमारी रक्षा#शिव
मंत्र साधनाशादी जल्दी होने का कात्यायनी मंत्रजल्दी और सुयोग्य विवाह के लिए कन्याओं को शाम के समय लाल वस्त्र पहनकर माता कात्यायनी के सिद्ध मंत्र ('कात्यायनि महामाये...') का 108 बार नियमित जप करना चाहिए।#शादी#कात्यायनी#विवाह बाधा
मंत्र साधनासंतान प्राप्ति के लिए संतान गोपाल मंत्रसंतान सुख में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए पति-पत्नी को मिलकर बाल गोपाल के सम्मुख 'ॐ देवकीसुत गोविन्द...' मंत्र का तुलसी की माला से सवा लाख जप करना चाहिए।#संतान प्राप्ति#संतान गोपाल#कृष्ण
मंत्र साधनारुका हुआ काम बनाने का गणेश मंत्रलंबे समय से अटके या रुके हुए कार्यों को पूरा करने के लिए भगवान गणेश के मंत्र 'ॐ वक्रतुण्ड महाकाय...' का उच्चारण कर घर से दायां पैर पहले बाहर निकालना चाहिए।#गणेश#रुका काम#विघ्नहर्ता
मंत्र साधनापढ़ाई में तेज होने का सरस्वती मंत्रपढ़ाई में बुद्धि को तेज और कुशाग्र करने के लिए अध्ययन से पूर्व 'ॐ ऐं वाग्देव्यै विद्महे...' (सरस्वती गायत्री) या 'ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः' का 11 बार स्मरण करना सर्वोत्तम उपाय है।#सरस्वती#विद्या#पढ़ाई
मंत्र साधनाशाबर मंत्र सिद्ध करने की विधिशाबर मंत्र स्वयं सिद्ध होते हैं। ग्रहण, दीपावली या महाशिवरात्रि की रात को एकांत में दीपक जलाकर पूर्ण विश्वास और बिना किसी संशय के 108 या 1008 बार जपने से ये तुरंत जाग्रत हो जाते हैं।#शाबर मंत्र#सिद्धि#नाथ संप्रदाय
मंत्र साधनाभय दूर करने के लिए नृसिंह मंत्रमृत्यु, शत्रुओं और काले जादू के अज्ञात भय को दूर करने के लिए भगवान नृसिंह के अनुष्टुप मंत्र ('ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं...') का गोधूलि बेला में जप करना सबसे शक्तिशाली उपाय है।#नृसिंह#भय नाश#उग्र अवतार
मंत्र साधनाअचानक धन लाभ के लिए कुबेर मंत्रअप्रत्याशित धन लाभ और संपदा संचय के लिए उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुबेर यंत्र के समक्ष 'ॐ यक्षाय कुबेराय...' मंत्र का कमल गट्टे की माला से जप करना चाहिए।#कुबेर#धन लाभ#कोषाध्यक्ष
मंत्र साधनाहनुमान जंजीरा शाबर मंत्रहनुमान जंजीरा ('ॐ हनुमान पहलवान, वर्ष बारह का जवान...') एक उग्र शाबर रक्षा मंत्र है। इसे 108 बार जपने से यह सिद्ध होकर काले जादू और भूत-प्रेत से अभेद्य सुरक्षा देता है।#हनुमान जंजीरा#शाबर मंत्र#रक्षा
मंत्र साधनाबच्चों का पढ़ाई में मन लगाने का मंत्रबच्चों की चंचलता दूर कर पढ़ाई में मन लगाने के लिए, अध्ययन शुरू करने से पूर्व उनसे विघ्नहर्ता गणेश के मंत्र 'ॐ गं गणपतये नमः' का 11 बार उच्चारण करवाना चाहिए।#बच्चे#पढ़ाई#गणेश
मंत्र साधनायाददाश्त बढ़ाने का मंत्रमस्तिष्क की कोशिकाओं को सक्रिय कर स्मरण शक्ति (याददाश्त) बढ़ाने के लिए प्रातःकाल स्फटिक की माला से माता सरस्वती के मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वत्यै नमः' का जप करना चाहिए।#याददाश्त#मेधा शक्ति#सरस्वती
मंत्र साधनाजल्दी शादी के लिए मंत्रशीघ्र विवाह के लिए कन्याओं को माता कात्यायनी के मंत्र ('कात्यायनि महामाये...') और पुरुषों को माता दुर्गा के मंत्र ('पत्नीं मनोरमां देहि...') का नियमित जप करना चाहिए।#विवाह#कात्यायनी#शीघ्र विवाह
मंत्र साधनालक्ष्मी माँ का गुप्त मंत्रस्थिर धन और अपार ऐश्वर्य के लिए माता लक्ष्मी के गुप्त एकाक्षरी बीज मंत्र 'श्रीं' या महामंत्र 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले...' का शुक्रवार को कमल गट्टे की माला से जप करना चाहिए।#लक्ष्मी#गुप्त मंत्र#बीज मंत्र
मंत्र साधनापढ़ाई के लिए सरस्वती मंत्रपढ़ाई में एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए अध्ययन शुरू करने से पूर्व 'ॐ ऐं महासरस्वत्यै नमः' का 11 बार मानसिक उच्चारण करना चाहिए।#सरस्वती#विद्या#एकाग्रता
मंत्र साधनाहनुमान जी को खुश करने का मंत्रहनुमान जी को शीघ्र प्रसन्न करने के लिए 'ॐ श्री हनुमते नमः' का जप करना चाहिए। इसके साथ ही 'श्री राम जय राम जय जय राम' का स्मरण उन्हें अत्यंत प्रिय है।#हनुमान#भक्ति#राम नाम
मंत्र साधनाशिव जी का सबसे छोटा मंत्रभगवान शिव का सबसे छोटा तांत्रिक मंत्र उनका एकाक्षरी बीज 'ह्रौं' है। इसके अलावा 'नमः शिवाय' (बिना ॐ के) सबसे सूक्ष्म और स्वतंत्र वैदिक मंत्र है, जिसे कोई भी जप सकता है।#शिव#बीज मंत्र#नमः शिवाय
मंत्र साधनामंत्रों के द्वारा जल को अभिमंत्रित करने का तरीकातांबे के पात्र में जल रखकर, उसे दाएं हाथ से ढककर गायत्री या महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार उच्चारण करने से जल मंत्र की ऊर्जा सोखकर एक शक्तिशाली औषधि (अभिमंत्रित जल) बन जाता है।#अभिमंत्रित जल#चिकित्सा#मंत्र विज्ञान
मंत्र साधनाबटुक भैरव मंत्र और सुरक्षा घेराबटुक भैरव शिव का बाल स्वरूप हैं। संकट, ऊपरी बाधा और अज्ञात भय से बचने के लिए 'ॐ बं बटुक भैरवाय नमः' का जप साधक के चारों ओर एक अभेद्य अदृश्य सुरक्षा घेरा बना देता है।#बटुक भैरव#सुरक्षा#भय नाश
मंत्र साधनागायत्री मंत्र के साथ ॐ का उच्चारण क्योंॐ (प्रणव) संपूर्ण ध्वनियों का मूल और निर्गुण परब्रह्म का प्रतीक है। बिना ॐ के वैदिक मंत्र सिर विहीन शरीर के समान निष्फल माने जाते हैं; ॐ मंत्र की ऊर्जा को ब्रह्मांड से जोड़ता है।#गायत्री मंत्र#ॐकार#प्रणव
मंत्र साधनाशाबर मंत्रों को सिद्ध करने की सरल विधिशाबर मंत्र स्वयं सिद्ध होते हैं। ग्रहण, होली या दीपावली की रात को एकांत में तेल का दीपक जलाकर पूर्ण विश्वास के साथ 108 या 1008 बार जपने से ये तुरंत सिद्ध हो जाते हैं।#शाबर मंत्र#गोरखनाथ#सिद्धि
मंत्र साधनाप्राण प्रतिष्ठित मंत्र और उनकी जाग्रतिप्राण प्रतिष्ठा वह शास्त्रीय प्रक्रिया है जिससे अक्षरों या माला में देवता की जीवन ऊर्जा स्थापित की जाती है। गुरु दीक्षा या विशिष्ट बीज मंत्रों द्वारा ही कोई मंत्र जाग्रत और फलदायी होता है।#प्राण प्रतिष्ठा#सिद्धि#जाग्रति
मंत्र साधनाकुलदेवी-देवता को प्रसन्न करने का मूल मंत्रकुलदेवी को प्रसन्न करने के लिए 'ॐ कुलदेव्यै नमः' या माता दुर्गा के नवार्ण मंत्र का लाल पुष्प अर्पित कर जप करना चाहिए। यह परिवार की पूर्ण रक्षा करता है।#कुलदेवी#मूल मंत्र#परिवार
मंत्र साधनाखोया हुआ धन वापस पाने का मंत्रफंसा हुआ या खोया धन वापस पाने के लिए मंगलवार को भगवान कार्तिकेय के मंत्र 'ॐ शरवणभवाय नमः' का लाल चंदन की माला से जप करना अत्यंत प्रभावशाली है।#खोया धन#कार्तिकेय#हनुमान
मंत्र साधनाबच्चों की बुद्धि और याददाश्त बढ़ाने का मंत्रबच्चों की चंचलता दूर कर स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए उनसे प्रतिदिन माता सरस्वती के 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वत्यै नमः' और गणेश मंत्र का उच्चारण करवाना चाहिए।#बुद्धि#याददाश्त#सरस्वती
मंत्र साधनाघर की सुख-शांति के लिए विष्णु मंत्रपारिवारिक क्लेश दूर कर घर में प्रेम और शांति स्थापित करने के लिए प्रतिदिन भगवान विष्णु के द्वादशाक्षर मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का सपरिवार जप करना चाहिए।#सुख-शांति#विष्णु#क्लेश निवारण
मंत्र साधनाइंटरव्यू में आत्मविश्वास बढ़ाने का मंत्रइंटरव्यू में असीम आत्मविश्वास और निर्भयता प्राप्त करने के लिए हनुमान जी के मंत्र 'ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्' या कार्य सिद्धि चौपाई का मानसिक स्मरण करना चाहिए।#इंटरव्यू#आत्मविश्वास#हनुमान
मंत्र साधनापरीक्षा में सफलता के लिए सरस्वती एकाक्षरी मंत्रपरीक्षा में शत-प्रतिशत सफलता और एकाग्रता के लिए प्रातःकाल सफेद आसन पर बैठकर स्फटिक की माला से माता सरस्वती के एकाक्षरी बीज मंत्र 'ऐं' का जप करना चाहिए।#सरस्वती#परीक्षा#सफलता