📖
विस्तृत उत्तर
रसातल में कोई एक केंद्रीकृत या सर्वमान्य शासक नहीं है। जहाँ सुतल में राजा बलि का शासन और पाताल में नागराज वासुकि का शासन बताया गया है, वहीं रसातल स्वतंत्र, उग्र और युद्धप्रिय असुर कबीलों का निवास है। पणि, निवातकवच और कालेय अपनी-अपनी मायावी नगरियों के अधिपति हैं और किसी देवता या शासक के अधीन रहना स्वीकार नहीं करते। फिर भी उनकी स्वच्छंदता पर एकमात्र अंकुश भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र का है, जिसका तेज रसातल में ईश्वरीय प्रशासक की तरह कार्य करता है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?
