विस्तृत उत्तर
महामाया ने महाविष्णु के आज्ञा चक्र और हृदय चक्र में सूक्ष्म तरंग उत्पन्न की। इसी से अवरुद्ध प्राण फिर जाग्रत हुआ।
महामाया ने कहाँ स्पंदन किया को संदर्भ सहित समझें
महामाया ने कहाँ स्पंदन किया का सबसे सीधा सार यह है: उन्होंने आज्ञा और हृदय चक्र में स्पंदन किया।
लोक जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
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इसी विषय के 5 प्रश्न
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ध्यान में आज्ञा चक्र पर स्पंदन होने का क्या अर्थ है?
तीसरी आंख सक्रिय। Intuition↑, गुरु कृपा, अंतर्दृष्टि। भ्रूमध्य कंपन/दबाव/गर्मी। 'ॐ' जप, त्राटक। जबरदस्ती नहीं। अत्यधिक = grounding।
तंत्र में विशुद्ध चक्र को सक्रिय करने से क्या होता है?
कंठ — 16 दल, नीला, आकाश, बीज 'हं'।: 'वैराग्य, संसार मिथ्या, शंकर शक्ति, 16 कलाएं।': 'सत्य+अभिव्यक्ति।': 'नकारात्मकता दूर।' गायन/मंत्र।
सुदर्शन मंत्र का जप सुरक्षा के लिए कैसे करें?
'ॐ सुदर्शनाय विद्महे महाज्वालाय धीमहि तन्नो चक्रः प्रचोदयात्'। सरल: 'ॐ नमो भगवते सुदर्शनाय नमः' 108। तुलसी माला, बुधवार/गुरुवार। शत्रु से बचाव। दक्षिण भारत में सुदर्शन होम प्रचलित। बिना दीक्षा सरल जप मान्य।
कोणार्क सूर्य मंदिर समय कैसे दिखाता है?
ओडिशा — 13वीं सदी, UNESCO। 24 पहिये = 24 घंटे, 8 तीलियाँ = 8 प्रहर। सूर्य छाया तीलियों पर = समय। 7 घोड़े = 7 दिन। शीर्ष चुंबक। 1200+ कामशास्त्र मूर्तियाँ।
तंत्र में मणिपूर चक्र को कैसे जागृत करें?
तीसरा — 10 दल, पीला, अग्नि, बीज 'रं'। 'ॐ रं जाग्रनय ह्रीं मणिपुर रं ॐ फट'। कपालभाति/नौली। लक्षण: 'आत्मविश्वास, बुद्धि, सही निर्णय।' अग्नि=तीव्र। गुरु।
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