विस्तृत उत्तर
रुद्र ने नाभाग को धन इसलिए दिया क्योंकि नाभाग ने सत्य और धर्म को धन से ऊपर रखा। यज्ञ पूरा होने पर ब्राह्मणों ने यज्ञावशेष धन नाभाग को दिया, लेकिन काले पुरुष के रूप में आए भगवान रुद्र ने कहा कि यज्ञभूमि में बचा धन उनका है। नाभाग ने लोभ या तर्क नहीं किया। वे पिता के पास गए और सत्य जानकर रुद्र का अधिकार स्वीकार कर लिया। उनकी यह निर्लोभता, विनम्रता और धर्मनिष्ठा देखकर भगवान रुद्र प्रसन्न हुए। उन्होंने नाभाग को केवल धन ही नहीं, बल्कि सनातन ब्रह्मतत्त्व का ज्ञान भी दिया।
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