विस्तृत उत्तर
राजा परीक्षित ने शुकदेव जी से एक गहरा प्रश्न पूछा। उन्होंने कहा कि भगवान शिव स्वयं श्मशानवासी, भस्मधारी और वैरागी हैं, फिर भी उनके भक्त अक्सर ऐश्वर्यवान और शक्तिशाली दिखते हैं। दूसरी ओर भगवान विष्णु लक्ष्मीपति और वैकुण्ठ के स्वामी हैं, फिर भी उनके भक्त कभी-कभी निर्धन, सरल और विरक्त दिखाई देते हैं। यह विरोधाभास क्यों है? शुकदेव जी ने उत्तर में शिव के आशुतोष स्वभाव और विष्णु की गुणातीत कृपा का अंतर समझाया। इसी अंतर को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने वृकासुर यानी भस्मासुर की कथा सुनाई।
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