विस्तृत उत्तर
राजा अम्बरीष नाभाग के पुत्र थे। नाभाग स्वयं अत्यंत सत्यनिष्ठ, धर्मज्ञ और भगवान शिव की कृपा प्राप्त व्यक्ति थे। कथा के अनुसार नाभाग के भाइयों ने संपत्ति बाँटते समय उनके हिस्से में केवल वृद्ध पिता को छोड़ दिया था। नाभाग ने पिता की आज्ञा से आङ्गिरस ब्राह्मणों के यज्ञ में सहायता की और बाद में यज्ञावशेष धन पर भगवान रुद्र का अधिकार स्वीकार किया। उनकी सत्यनिष्ठा से प्रसन्न होकर शिव ने उन्हें ब्रह्मज्ञान और धन दिया। ऐसे धर्मपरायण नाभाग के पुत्र अम्बरीष आगे चलकर भगवान विष्णु के महान भक्त बने।
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