📖
विस्तृत उत्तर
श्राद्ध में पिता, पितामह और प्रपितामह को ही प्रत्यक्ष पिण्ड दिया जाता है क्योंकि वे पिण्डभाज पितर माने गए हैं। ये तीन पीढ़ियाँ श्राद्धकर्ता के शरीर और वंशगत तत्त्वों से सबसे निकट जुड़ी हैं। शास्त्रीय व्यवस्था में पिता वसु, पितामह रुद्र और प्रपितामह आदित्य स्वरूप माने जाते हैं, इसलिए वे संपूर्ण पिण्ड के अधिकारी हैं।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?


