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विस्तृत उत्तर
कुश को धर्मशास्त्रों में अत्यंत पवित्र और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का सुचालक माना गया है। श्राद्ध और तर्पण में कुश का उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि इसके मूल में पितरों का वास माना गया है। बिना कुश धारण किए, पवित्री पहने बिना या कुश के आसन के बिना किया गया तर्पण पितरों तक नहीं पहुँचता और व्यर्थ माना जाता है।
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